728 x 90

कम बुकिंग के चलते घाटे में चल रही थी तेजस एक्सप्रेस, फिलहाल बंद किया गया संचालन

कम बुकिंग के चलते घाटे में चल रही थी तेजस एक्सप्रेस, फिलहाल बंद किया गया संचालन

इस दौरान किसान आंदोलन के चलते रेलवे को अब तक 2220 करोड़ का नुकसान हुआ है. अकेले उत्तरी रेलवे को 14.85 करोड़ रोज़ाना का नुकसान हुआ है. इस दौरान कुल 2352 ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही, जबकि 96 रेल इंजन पंजाब में फंसे रहे.  कोरोनावायरस  के बीच देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस  का संचालन

इस दौरान किसान आंदोलन के चलते रेलवे को अब तक 2220 करोड़ का नुकसान हुआ है. अकेले उत्तरी रेलवे को 14.85 करोड़ रोज़ाना का नुकसान हुआ है. इस दौरान कुल 2352 ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही, जबकि 96 रेल इंजन पंजाब में फंसे रहे.

 कोरोनावायरस  के बीच देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस  का संचालन फिलहाल बंद किया जा रहा है. दरअसल, कोविड-19 के चलते टिकट की कम बुकिंग हो रही थी, जिसके चलते ट्रेन घाटे में चल रही थी. नई दिल्ली से लखनऊ के बीच तेजस एक्सप्रेस का संचालन 23 नवंबर से बंद है, वहीं, अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस का संचालन 24 नवंबर से बंद होगा. बता दें कि इसके पहले इस साल मार्च में भी तेजस बंद हो गई थी.

बंद होने के पीछे कोविड के बीच कम बुकिंग होना है. दरअसल, तेजस ट्रेन में करीब 726 यात्री बैठ सकते हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक, रोज केवल 60 से 70 टिकट ही बुक हो रहे थे. इस घाटे के चलते ही तेजस को यार्ड में खड़ा करने का फैसला किया गया है. तेजस ट्रेन को एक बार चलाने का खर्चा करीब 15 से 16 लाख रुपए आता है. तेजस ट्रेन पहली निजी ट्रेन है इसका संचालन IRCTC करता है.

इसके अलावा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ठप पड़ी रेलवे सेवाओं को सोमवार से आंशिक तौर पर शुरू किया जा रहा है. दोनों राज्यों में आंशिक तौर पर ट्रेनें चलेंगी. जानकारी है कि फिलहाल 8 ट्रेनें पंजाब के लिए और 9 ट्रेनें जम्मू और कटरा के लिए चलेंगी. बता दें कि 55 दिन तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा है.

रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को एक ट्वीट कर भी इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ‘पंजाब में 23 नवंबर से रेलवे ट्रैक व स्टेशनों पर किये जा रहे किसान आंदोलन के स्थगित होने पर भारतीय रेल पंजाब, तथा पंजाब से होकर जाने वाली रेल सेवाओं को शुरू करने जा रही है. पिछले कई दिनों से ट्रेन संचालन में बना हुआ गतिरोध दूर होने से यात्रियों, किसानों, व उद्योगों को लाभ होगा.’

बता दें कि इस दौरान किसान आंदोलन के चलते रेलवे को अब तक 2220 करोड़ का नुकसान हुआ है. अकेले उत्तरी रेलवे को 14.85 करोड़ रोज़ाना का नुकसान हुआ है. इस दौरान कुल 2352 ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही, जबकि 96 रेल इंजन पंजाब में फंसे रहे.

Ritu
EDITOR
PROFILE

Posts Carousel

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Latest Posts

Top Authors

Most Commented

Featured Videos